बिहार हिजाब विवाद : कितना सच कितना झूठ ,आखिर क्यों हुआ हंगामा जानिए पूरी बात

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हमारे देश में अक्सर अपने फायदे के लिए किसी ऐसे मुद्दे से जान बुझ के छेड़ छाड़ की जाती है जो सेंसटिव होता है yah सम्प्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने का काम करता है। और इससे सिर्फ उन्हें ही फायदा होता है। और धर्म और उससे जुड़े विवाद भी उन्ही मुद्दों के कुछ उदाहरण है।
हिजाब विवाद की लहर कर्नाटक से उठी और लम्बे समय तक देश के अलग अलग राज्यों में इसके छोटे छोटे अंश देखने को मिले। फिर मामले पर फैसला आने तक शांत भी हुआ परन्तु अब एक बार फिर हिजाब का विवाद सामने आ रहा है और ये विवाद बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में देखने को मिला है ।

दरअसल रविवार को मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज में क्षात्राओं ने शिक्षक पर आरोप लगाया की उन्होंने जांच के नाम पर उसे हिजाब निकालने को कहा। बतया जा रहा है की एमडीडीएम कॉलेज में इंटर के सेंटअप टेस्ट के दौरान रविवार को हिजाब पर हंगामा हुआ. हिजाब पहनकर परीक्षा देने आयी छात्रा ने परीक्षा कक्ष से बाहर निकलकर शिक्षक पर आरोप लगाये. की वो जांच के बहाने उन्होंने हिजाब को निकालने के लिए कहा। छात्रा का कहना था कि शिक्षक ने कान में ब्लूट्रूथ होने की आशंका जताते हुए हिजाब हटाने को कहा, तो उसने हटा दिया. इसके बाद जब हिजाब दुबारा लगाने लगी, तो शिक्षक ने उसे बाहर रखने को कहा.इसके बाद क्षात्रा ने परीक्षा कक्ष से निकल कर पुलिस को बुलाया साथ ही अपने अभिभावकों को भी कॉल कर के बुलाया। बाद में नगर डीएसपी राघव दयाल व मिठनपुरा थानाध्यक्ष श्रीकांत प्रसाद सिन्हा मौके पर पहुंचे और छात्रा व अभिभावकों को समझाकर मामले को शांत कराया.
बाद में पुलिस ने जब मामले की जानकारी ली तो एमडीडीएम कॉलेज की प्राचार्य डॉ कनुप्रिया ने छात्रा के आरोप को गलत बताया. कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग की अन्य छात्राएं भी हिजाब लगाकर आयी थीं. सभी ने जांच में सहयोग किया. मोबाइल बाहर रखवाने के बाद शिक्षक यह देख रहे थे कि कोई कान में ब्लूट्रूथ डिवाइस तो नहीं लगायी है. छात्रा को शिक्षक ने कान दिखाने के लिए कहा तो वह सीधे निकलकर बाहर चली गयी.
पुलिस के जांच में यह भी पाया गया की उसके पहले दर्जनों छात्राओं के पास से मोबाइल व ब्लूटूथ मिला था. इस बीच एक छात्रा जो हिजाब पहनी थी. उसे भी कान दिखाने को बोला गया तो इसी पर वह गुस्सा होकर बिना परीक्षा दिये निकल गई।