भारत और नेपाल के संबंधों को प्रगाड़ बनाने में लगे हैं भारत नेपाल वर्ल्ड डेवलपमेंट फोरम

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प्रदीप कुमार नायक

” नेपाल और भारत मिलकर चले, विश्व सारा आगे बढ़े” मूल नारा के साथ नेपाल और भारत दोनों देशों के जनताओं के हक – अधिकार व मान सम्मान की रक्षा के लिए लगातार संघर्षरत एक मात्र संघठन नेपाल-भारत वर्ल्ड डेवलपमेंट फोरम का उदघाटन नेपाल की राजधानी काठमांडू के भृकुटि मंडप स्थित नेपाल पर्यटन बोर्ड के सभागार में बड़ी ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ हुई।


अपने मंचसीय भाषण के क्रम में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री एवं लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र महतो ने कहां कि नेपाल-भारत का संबंध रामायण काल से ही चलते आ रही है।दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का संबंध हैं।भले ही राजनीति रूप से नेपाल और भारत दो राष्ट्र हैं।लेकिन संस्कृतिक तौर पर दोनों एक राष्ट्र हैं।भारत और नेपाल के बीच संबंध और प्रगाड़ हो,इसके लिए नेपाल तथा भारत वर्ल्ड डेवलपमेंट फोरम अत्यधिक अच्छी भूमिका निभा सकती हैं।भारत के साथ व्यापारिक नुक्सान न्यूनीकरण में भी फोरम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


उन्होंने कहां कि हम भारत और नेपाल के बीच संबंधों को और अधिक उचाईयों तक पहुचाना चाहते हैं।भारत के साथ व्यापार में हो रहे नुकसान को कम करने का प्रयास जारी हैं।
फोरम के अंतराष्ट्रीय संरक्षक वेद प्रकाश गुप्ता का कहना हैं कि नेपाल और भारत के बीच का संबंध बहु आयामिक होना चाहिए ।भारत और नेपाल के साथ समूचा विश्व को हम शांति के मार्ग में ले जाना चाहते हैं।
उदघाटन कार्यक्रम में नेपाली कांग्रेस के सह महामंत्री जीवन परियार , नेपाल जनता पार्टी के अध्यक्ष त्रिभुवन नाथ पाठक ,नेपाल सरकार के प्रशासन सेवा के पूर्व निर्देशक गिरधर ढकाल, संस्थापक मधेशवादी नेता एवं हिंदी भाषा अभियान के रमन पांडेय ,लोसपा नेता डॉ, सुरेंद्र झाल सहित अनेक वक्ताओं ने भारत- नेपाल के प्रगति की कामना किए हैं।


स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार ,प्रदीप कुमार नायक कहते हैं कि किशनगंज जिला के दिघलबैंक और नेपाल के झापा जिला के झापा बाजार स्थित पिलर संख्या 134 / 20 जो लगभग दो वर्षों से बन्द पड़ी थी।जिस सिमा को खोलवाने की पहल सबसे पहले मैंने की।
दोनों देशों का संघीय मैत्री पूर्ण रहे हैं।31 जुलाई 1950 को काठमांडू में हस्तलिखित की गई एक अंतराष्ट्रीय संधि हैं।जिसके अंतर्गत दोनों देशों के सबंध निर्धारित किये गए हैं।लेकिन बीच-बीच मे दोनों देशों के संबंधों में संधि के पुनरावलोकन के सवाल पर खटास भी उत्पन्न होते रहे हैं।बदलते समय के प्रवाह में इसे पुनरावलोकन व संसोधन करना भी दोनों देशों के हित मे होगा।


कार्यक्रम की अध्यक्षता नेपाल -भारत वर्ल्ड डेवलपमेंट फोरम के राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष मधुरेन्द्र चौधरी का कहना है कि सत्य का मार्ग भले ही कठिन होता हैं, लेकिन जीवन में सत्य ही लोगों पर विजय प्राप्त करता हैं।जो व्यक्ति समाज व देश सेवा में अपना मूल्यवान समय दे रहा हैं, उन लोगों को तन,मन और धन से सहयोग देकर समाज व देश के अच्छे कार्यो को आगे बढ़ाना चाहिए।