क्या राज छिपा है मोना लिसा के पेंटिंग में ,आखिर क्यों है यह दुनिया की सबसे खुबशुरत पेंटिंग

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आपने अक्सर दुनिया की सबसे खुबशुरत और रहस्मई पेंटिंग मोनालिशा के बारे में सुना या देखा होगा । इसे बनाने वाले पेंटर लिओनार्दो दा विंची का नाम शायद ही कोई नहीं सुना होगा । कला से थोड़ा भी स्नेह रखने वाला इनकी महानता और टैलेंट से भली भाति परिचित होगा । मोनालिशा को दुनिया के सबसे खूबसूरत पेंटिंग माना जाता है ख़ास कर इनके होठ और आँखे , पर क्या आपको पता है की मोनालिशा की पेंटिंग इतनी खुबशुरत और रहस्मई क्यों है और कैसे है ? हम आज आपको ऐसे ही कुछ फन फैक्ट बताने वाले हैं जिसे सुन कर आप भी चौक जाइएगा और शायद समझ पाइयेगा की आखिर क्यों मोनालिशा पेंटिंग को दुनिया का सबसे खुबशुरत पेंटिंग माना जाता है । मोना लिसा विन्ची की कई अधूरी पेंटिंग में से एक है बावजूद इसके इसे विन्ची की सबसे बेहतरीन पेंटिंग माना जाता है । आपने अक्सर सोचा होगा की आखिर यह तस्वीर है किसकी आखिर यह मोना लिसा है कौन । तो हम आपकी इस जिज्ञासा को शांत करते हैं । हालाँकि इतिहास में कई साल तक यह अज्ञात रहा की इस पेंटिंग में दिखने वाली औरत आखिर है कौन फिर बाद में इतिहासकारों और पेंटिंग के चाहने वालों इस बात का पता लगाया की दरसल मोनालिसा इटली के एक नोबेल मैन फ्रांसेस्को डेल गिओकोंडो की पत्नी Lisa घेरार्दिनी , की पेंटिंग है अगर हम नाम के अर्थ पर जाए तो मोना का इटालियन शाब्दिक अर्थ है माय लेडी और लिसा उनका नाम । हालाँकि अभी भी कई इतिहासकार और आर्टिस्ट इस फैक्ट को नहीं मानते उनका कहना है की मोनालिसा की पेंटिंग में विनसिने खुद को बनाया है इस पेंटिंग में उन्होंने खुद को एक औरत के रूप में दिखाया है


विन्ची ने मोनालिसा की पेंटिंग 1503 ईश्वी में बनानी शुरू की , बाद में 1516 ईश्वी में फ्रेंच किंग फ्रांसिस प्रथम के बुलाने पर फ्रांस चले गए और फिर कभी वापस नहीं आये । उन्होंने अपने साथ कई स्केच डायरीज़ के साथ केवल एक पेंटिंग मोनालिसा को अपने साथ ले कर फ्रांस आये थे . मोनालिसा की पेंटिंग में विन्ची ने लगभग 14 साल दिया था ऐसा कहा जाता है की विन्ची ने 12 साल केवल मोनालिसा के होठ बनाने के पीछे लगाया था । मोनालिसा की पेंटिंग में सबसे रहस्मई मोनालिसा की मुस्कान है । दरसल इस पेंटिंग को पहली नजर में देखने पर ऐसा प्रतीत होता है की तस्वीर मुस्कुरा रही है फिर वह मुस्कान फीकी होने के साथ साथ गायब हो जाती है । मोनालिसा के मुस्कान पर भी इतिहासकारों का अपना अपना मत है मगर सन 2000 में हार्वर्ड की एक न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ मार्गरेट लिविंगस्टोन ने इस बात का खुलासा किया की मोनालिसा के मुस्कान आने और जाने के पीछे का वजह ह्यूमन विसुअल सिस्टम के काम करने का तरीका है दरसल विन्ची ने अपने ऑप्टिक स्टडी में पढ़ा था की प्रकाश रेटिना के किसी एक हिस्से पर न पड़ कर बल्कि पुरे रेटिना पर पड़ती है हमारे रेटिना के भाग फोविआ हमें कलर्स को दिखाती है जबकि इसके बाहरी भाग हमें शैडो और इमोशन को दिखाते है जिसके कारण जब हम मोना लिसा के आँखों पर देखते हैं तो हम उसकी होठों पर देखते हैं जिसके कारण वह हमें मुस्कुराती हुई मालूम पड़ती है जबकि गौर से देखने के बाद वह मुस्कान गायब हो जाती है । विन्ची के स्केच बुक से पता चलता है की विन्ची ने मोनालिसा के स्माइल के ऊपर इस तरह से काम करना चाहते थे की वे इसके लिए कई साल मुर्दाघरों में शवों के ऊपर का मांस हटाने का काम किया और फेसिअल पोस्चर और स्ट्रक्चर को जानने की कोशिश की उनकी स्केच बुक में माउथ स्ट्रक्चर के स्केचेस इस बात के शबूत है । मोनालिसा की पेंटिंग को लेकर इटली और फ्रांस में कई विवाद भी हुए हैं दरसल इटली इस बात का दावा करता है की मोनालिसा उसके देश की सम्पति है । जबकि फ्रांस इसे अपनी विरासत मानता है । मोनालिसा बेशक एक अद्भुत पेंटिंग है लेकिन फिर भी यह उतनी प्रशिद्ध नहीं थी मोनालिसा पेंटिंग को पर्शिद्धि तब मिली जब यह फ्रांस के लूव्र मुजियम से चोरी हो गई और इसके सस्पेक्ट एक और महँ पेंटर पाब्लो पिकासो को किया गया । परन्तु दो साल बाद यह पता चला की उसी म्यूजियम में काम करने वाला एक कर्मचारी जो इटली का था देशभक्ति के नाम पर उस पेंटिंग की चोरी की थी । उसने म्यूजियम बंद होने के बाद अपने कोर्ट में उसे छिपा कर ले गया था ।मोनालिसा की पेंटिंग केवल एक पेंटिंग ही नहीं बल्कि एक लिविंग इंसान है पिछले 500 सालों से यह पेंटिंग देखनेवालों के इमोशन के साथ जुडी हुई है. अगर पेंटिंग की बात करे तो यह पेंटिंग पॉप्लर वृक्ष के पतले कानो के कैनवास पर लेडवाइट के कोट पर बनाई गई है . विन्ची ने इस पेंटिंग में कई सारे नए तकनीक इस्तेमाल किया है जिसमे सबसे ज्यादा उन्होंने स्फूमैटो तकनीक का इस्तेमाल किया है जिसमे एक लेयर पर कई लेयर के महीन ब्रश स्टोक होते है जो पेंटिंग के शार्पनेस को कम करता है और उसे हर दूसरे भाग से जोरता है .पेंटिंग का बैकग्राउंड विन्ची के इमेजिनेशन का हिस्सा है . विन्ची ने मोनालिसा को फ्रंट पोस्चर में रखा है मोनालिसा की आँखे देखने वालो के आँखों में डायरेक्ट देखती है जो उस समय के फीमेल पोर्ट्रेट की सबसे ख़ास बात थी इसके साथ ही विन्ची की मोनालिसा आराम मुद्रा में खड़ी है जो उस समय के बाकी फीमेल पेंटिंग्स से अलग थी . विन्ची ने मोनालिसा के कपडे को बेहद साधारण रखा है जिसके पीछे का मकशद शायद वीवर्स का ध्यान सीधे चेहरे के तरफ आकर्षित करना था .जबकि उस समय के कुछ और पेंटिंग्स को देखे तो वे काफी गहनों और सुंदर वस्त्रों से सजी हुई हैं . बहरहाल मोनालिसा के बारे कई और भी रहस्मई बाते हैं जिसे अलग अलग इतिहासकारों और कलाकारों ने इसे अलग अलग रूप दिया है । यह पेंटिंग आज भी न जाने कितने राज अपने अंदर छिपाये बैठी हैं । फिलहाल अभी के लिए इतना ही हम अपने अगले वीडियो में किसी और पेंटिंग के बारे में बात करेंगे तब तक लिए देखते रहें टीडी न्यूज़ ।