Sankashti Chaturthi 2022:- भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी आज, शुभ मुहूर्त जाने और सही समय पर पूजा करे और आशीर्वाद लें ।

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Chaturthi 2022:- चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का व्रत रखने का विधान हैं। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने का विधान है।

Sankashti Chaturthi 2022: चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का व्रत रखने का विधान है। इसी कारण आज भालचंद्र संकष्टी गणेश संकष्टी का व्रत रखा जा रहा है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने का विधान है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह दो चतुर्थी तिथि पड़ती है। पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी। मान्यता है कि फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी में भगवान की पूजा करने से व्रती को सभी कष्टों से छुटकारा मिल जाता है।

भालचंद्र संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत का शुभ मुहूर्त

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: आज सुबह 8 बजकर 21 मिनट से शुरू

चतुर्थी तिथि समाप्त: मंगलवार सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक

चन्द्रोदय: रात 8 बजकर 23 मिनट पर

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि

चतुर्थी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान आदि कर लें। इसके बाद भगवान गणेश का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प ले लें। इसके बाद भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करना चाहिए। सबसे पहले जल से आचमन करें। इसके बाद फूल, रोली, अक्षत, दूर्वा आदि अर्पित करें। इसके बाद जनेऊ चढ़ाएं और एक पान में 1 सुपारी, 2 लौंग, इलायची और बताशा करके चढ़ा दें। इसके बाद मोदक या कुछ मिठाई का भोग लगा दें। इसके बाद फिर जल अर्पित करें। अब धूप-दीप जलाने के बाद गणेश चालीसा का पाठ करें। इसके साथ ही गणेश जी के मंत्र का जाप करें। अंत में गणेश जी की आरती कर लें।

शाम को चांद निकलने से पहले भी विधिवत तरीके से गणेश जी की पूजा करें।