अफगानिस्तान के संकट पर अमेरिका और चीन का सियासी युद्ध जारी है

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भले ही अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपनी सेना बुला ली है मगर अफगानिस्तान के मामलों में उसे अभी भी दिलचस्पी है दरअसल अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां के सरकार के गठन पर पूरी दुनिया की नजरें तिकी हुई हैं । गौरतलब है की तालिबान अफगानिस्तान में सरकार बनाने को पहल कर रहा है । ऐसे में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कल अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उम्मीद है कि तालिबान विभिन्न समुदायों और हितों के प्रतिनिधित्व के साथ अफगानिस्तान में समावेशी सरकार गठित करेगा। उन्होंने यह भी कहा की अफगानिस्तान में गैर तालिबानी सरकार का भी शामावेश हो सकता है ।

अमेरिका ने कहा है की तालिबान अपने किये गए वादों के साथ ही अफगानिस्तान में अपनी सरकार का स्थापना करेगा और अमेरिका के साथ पुरे विश्व की नजर उनके नए सरकार पर होगी । गौरतलब है की अमेरिका ने पहले ही कह दिया है की वह अफगानिस्तान को आतंकवाद का ठिकाना दुबारा बनने नहीं देगा ,उसकी हर एक गतिविधि पर नजर रखेगा । इधर चीन भी अफगानिस्तान में बनते सरकार में अपने दबदबे को बढ़ाने की कवायद कर रहा है । अमेरिका के सेना वापसी के बाद चीन का तालिबान संघटन का तारीफ़ करना इस बात का इशारा कर रहा है की अफगानिस्तान में अब चीन अमेरिका की जगह लेना चाहता है । अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण वेबसाइट इनसाइडओवर पर जारी एक रिपोर्ट में फेडेरिको गिलिआनी ने लिखा ,की चीन एसीआई देशों पर दबदबा बढाने की कोशिश में हमेशा से जूता है अगर ऐसे में अफगानिस्तान पर उसका दबदबा एक बड़ी जित होगी । बहरहाल आज के विदेश निति में इतना ही देखते रहें टीडी न्यूज़ ।