आईपीएल को बीच में ही छोड़ कर जा रहे हैं ये विदेशी खिलाड़ी । कारण यह…

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भारत में आईपीएल कि आज आगाज हो चुकी है आईपीएल की टीमों ने कई सारे मैच भी खेल दिए हैं कोरोना के इस बढ़ते दौर में खिलाड़ियों की सुरक्षा का संपूर्ण इंतजाम रखा जा रहा है ध्यान रखा जा रहा है कि कोई भी खिलाड़ी किसी प्रकार से संक्रमित ना हो जिसके लिए बायो बबल का उपयोग किया जा रहा है बायो  बबल एक प्रकार का सुरक्षित वातावरण होता है जिसमें खिलाड़ी अपने आप को रखते हैं जो कि बाहरी दुनिया के जर्म्स से बचाता है। विदेश से आए हुए खिलाड़ियों को तथा भारत के खिलाड़ियों को भी होटल से मैदान और मैदान से होटल जाने की ही अनुमति है इसके अलावा वे कहीं भी नहीं जा सकते ।

ऐसे वक्त पर जब कोरोना का कहर देश में इस तरीके से छाया हुआ है , आईपीएल को लगातार चलाते रहने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । और अब जब आईपीएल के टीमों ने आधे दर्जन से भी ज्यादा मैच खेल चुकी है तब इस लीग को बंद करना भी एक मुश्किल काम है । इसी बीच कई  सारे खिलाड़ियों ने वापस अपने देश जाने का फैसला किया है।  तो कुछ खिलाड़ियों ने तो वापसी भी कर लिया है । सूत्रों के माने तो कूल 21 विदेशी खिलाड़ी वापस अपने घर के तरफ़ रख कर सकते हैं ।

राजस्थान रॉयल के एंड्रू टाई यह कह कर वापसी कर ली की वो किसी पर्सनल प्रॉब्लम से जूझ रहें है ।उनकी बातों के सच्चाई कितनी है पता नहीं । एंड्रू टाई के बाद भारत के टॉप स्पिनर और दिल्ली कैपिटल के गेंदबाज रविंद्र चंद्र अश्विन भी आईपीएल 2021 छोड़ने का फैसला लिया है । उन्होने बताया की उनका परिवार कोरोना से ग्रसित है जिनकी देखभाल करना आवश्यक है ।इसके बाद RCB के दो खिलाड़ी एडम जम्पा और केन रिचर्डसन ने ऑस्ट्रेलिया वापसी कर लिया है ।

 उन्होने कहा की बायो बबल के रूल काफ़ी सख्त हैं और बिना अधिक मैच में मौका मिले होटल के कमरों में बायो बबल के रूल का पालन कर पाना मुश्किल है । इसके अलावे पंजाब किंग के दो खिलाड़ी जॉय रिचर्डसन और उनके साथी डेविड मालान भी जल्द ही अपने देश वापसी कर सकते हैं ।

आईपीएल टीमों के टेबल प्वाइंट पर नज़र डालें तो चेन्नई सुपर किंग्स 6 मैचों में से 5 मैच जीतकर शीर्ष स्थान पर है वही दूसरे स्थान पर दिल्ली कैपिटल है जिसने 7 मैचों में 5 में जीत हासिल किया है ।

कोरोना से उभरी कठिनाइयों के बीच अब यह देखना होगा की क्या टीमें फाइनल तक पहुंच पा रही है या नही ।

SUMIT SAHITYA (COPY EDITOR)

पारितोष कुमार