जाति आधारित जनगणना की मांग है समाज को तोड़ने की रणनीति, पीएम मोदी जैसा कोई नहीं

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बिहार में भाजपा ने सधे अंदाज में जाति आधारित जनगणना की मांग करने वालों और पीएम मटेरियल के मसले पर अपना जवाब दे दिया है। भाजपा के दो बड़े नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले का कोई नेता देश में नहीं है। वहीं जाति आधारित जनगणना के मसले पर पार्टी ने कहा कि ऐसी मांग वहीं लोग कर रहे हैं, जो समाज को तोड़ कर किसी तरह राज करना चाहते हैं। भाजपा ने कहा कि समाज तोड़ने वाली ऐसी हरकत अंग्रेज भी नहीं कर पाए, जो फिलहाल देश के कुछ राजनीतिक दल कर रहे हैं। भाजपा के दो नेताओं ने बयान जारी करते वक्‍त ऐसी मांग और ऐसे बयान जारी करने वाले किसी नेता या दल का नाम नहीं लिया। गौरतलब है कि बिहार एनडीए में भाजपा के सहयोगी दल से ही पीएम मटेरियल की चर्चा चली थी। वहीं जाति आधारित जनगणना पर भी बिहार में एनडीए के दूसरे दलों की राय अलग है और वे खुल कर इसे जाहिर भी कर चुके हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा है कि राजनीति के संत नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बने सात साल पूरे हुए हैं। देश की अपेक्षाओं के महासागर में कर्मवीर मेहनती विकास को अपना मंजिल चुनने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभूतपूर्व विकास कार्य किए हैं। आश्चर्यजनक यह है कि देश में किसी भी दल के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा पीएम मैटेरियल नहीं है।


भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जिनका विकास पर विश्वास नहीं रहता वह समाज को तोड़कर शासन करते हैं। फूट डालो और राज करो की नीति के तहत 1930 में अंग्रेजों ने जातिगत जनगणना करवा कर जैसे देश को जाति के आधार पर तोडऩे की कोशिश की थी, आज वही प्रयास देश के कुछ राजनीतिक दल कर रहे हैं। वास्तव में इन दलों का अस्तित्व ही जात-पात के विभेद पर टिका हुआ है, उससे बाहर निकलने का यह सोच भी नहीं सकते हैं।
बिहार में एनडीए के सहयोगी दल जदयू और हम भी जाति आधारित जनगणना की मांग कर चुके हैं। जदयू के नेता तो लगातार इस मसले पर बयान दे रहे हैं। खुद मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र तक लिखा है। जीतन राम मांझी ने भी जनगणना में जाति को शामिल करने की मांग की है। पीएम मटेरियल की चर्चा को जदयू संसदीय बोर्ड के अध्‍यक्ष उपेंद्र कुशवाहा समेत अन्‍य नेताओं ने उठाया था।