बिहार चुनाव में तारापुर और कुशेश्‍वरस्‍थान के वोटरों केरुझान से बढ़ी है बेचैनी

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बिहार विधानसभा की दो सीटों तारापुर और कुशेश्वरस्थान के उपचुनाव में मतदान का दिन नजदीक आ रहा है। चुनाव मैदान में एनडीए, राजद, कांग्रेस के साथ लोजपा के चिराग गुट के प्रत्याशी भी मैदान में हैं। पर राह किसी के लिए आसान नहीं। इसकी बड़ी वजह है वोटरों की खामोशी। चुनाव में अमूमन वोटर मौन रहकर ही अपनी रणनीति बनाते और उन्हें अंजाम तक पहुंचाते हैं। लेकिन ऐसा माना जाता है कि उपचुनाव में यह गणित ज्यादा कारगर नहीं होता। उपचुनाव में सब जिसके साथ मैं भी उसी का वाली कहावत ही काम आती है।

मतदान में अब महज चार दिन रह गए हैं, लेकिन अब तक कोई भी पार्टी दावे के साथ कुछ कहने की स्थिति में नहीं। यह अलग बात है कि सभी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। पर वोटरों के मन में क्या है इसकी थाह किसी को मिल नहीं रही। मतदाता यहां वोट देने के पहले इशारा तक नहीं करते कि उनका रुझान किधर होगा। 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों में मतदान का पैटर्न भी बताता है कि  यहां मतदाताओं के मन-मिजाज को परखना कोई आसान काम नहीं

आपको बताएं कि 2020 में तारापुर विधानसभा सीट पर चुनाव मैदान में 26 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने उतरे। तारापुर में करीब 3,17,350 के करीब वोट हैं। इनमें से करीब 55 फीसद यानी 1,74,550 मतदाताओं ने वोट किए। 2020 में तारापुर से जदयू के टिकट पर मेवालाल चौधरी की जीत हुई। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इन्हें करीब 36.93 फीसद वोट मिले। इस सीट से दूसरे स्थान पर राजद उम्मीदवार 32.8 फीसद वोट मिले। यानी जीत का अंतर करीब-करीब चार फीसद वोट का रहा। शेष जो उम्मीदवार बचे उनमें से कुछ को साढ़े छह फीसद तक वोट मिले तो कुछ को तीन-चार फीसद से ही संतोष करना पड़ा। 13 उम्मीदवार तो ऐसे भी रहे जिन्हें बमुश्किल हजार से दो हजार वोट ही मिल पाए। इस किसी एक उम्मीदवार के दबदबे का दावा नहीं किया जा सकता।

इसी तरह कुशेश्वरस्थान में 2020 विधानसभा चुनाव में 16 उम्मीदवार मैदान थे। इस क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या उस वक्त करीब 2,50780 थी। इनमें से 1,36480 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। यानी यहां करीब 54.42 फीसद मतों ने प्रत्याशियों की हार-जीत की कहानी लिखी। इस सीट पर जदयू के शशिभूषण हजारी ने बाजी मारी थी। उन्हें 39.55 फीसद वोट मिले। जबकि दूसरे स्थान पर यहां कांग्रेस रही। जिसके प्रत्याशी अशोक कुमार को 34.26 फीसद वोट ही मिल सके। यहां भी जीत का अंतर करीब पांच फीसद रहा। तीसरे स्थान के लिए उम्मीदवार को मतदाताओं ने करीब 7.79 फीसद वोट दिया। यहां तीसरे स्थान पर लोजपा रही थी।