तेजस्वी और चिराग ने कहा-गरीब छात्रों का छात्रवृति बंद कर नीतीश सरकार छात्रो के साथ कर रही खिलवाड़

0
90

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव और लोजपा के जमुई सांसद चिराग पासवान ने बिहार सरकार पर एक साथ हमला बोला है। दोनों ही नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि नीतीश सरकार ने विगत पांच वर्षों से एससी-एसटी वर्गों की छात्रवृत्ति बंद कर लाखों गरीब छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। तेजस्‍वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस संबंध में पूछे जाने पर वे अनभिज्ञता प्रकट करेंगे। बाकी प्रदेशों में केंद्र समर्थित यह छात्रवृत्ति कैसे मिल रही है? लोजपा (चिराग गुट) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति एवं अुनसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भुगतान तत्काल सुनिश्चित करे। जिस छात्रवृत्ति योजना का 75 फीसद पैसा केंद्र सरकार वहन करती हो उस योजना से लाभार्थियों को पिछले 3 साल से वंचित रखा जा रहा है। इससे 15 लाख विद्यार्थी परेशान हैं। इस आरोप पर जदयू ने क्‍या जवाब दिया, ये भी हम आपको बताएंगे।
तेजस्वी ने कहा कि सरकार वंचित वर्गों और उनके कल्याण से जुड़ी योजनाओं की विरोधी है। अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग छात्रवृत्ति बांटने का नोडल विभाग है। उन्होंने कहा कि 2017 में उनके उप मुख्यमंत्री रहते पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग उनके अधीन था। विभाग के अधिकारी ऊपर के निर्देश पर वंचित वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति देने में अड़चनें पैदा कर रहे थे, लेकिन मेरी सक्रियता के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस संबंध में बैठक भी हुई जिसमें सकारात्मक निर्णय लिए गए।
तेजस्‍वी ने कहा कि बाद में हमारी सरकार के जाते ही उन अधिकारियों का मनमाना खेल फिर शुरू हो गया और आज तक गरीब जरूरतमंद छात्रों को वो छात्रवृत्तियां नहीं मिल पाईं। तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के अधिकारी उन्हेंं सच्चाई से रूबरू नहीं कराते और छात्रवृत्ति नहीं देने के बहाने तलाशते रहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से अधिक दोषी मुख्यमंत्री हैं। उनकी मांग है कि अविलंब छात्रवृत्ति का पैसा गरीब छात्रों में बांटा जाए।


जदयू विधान पार्षद व पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि जब से नीतीश कुमार को बिहार के लोगों की सेवा का अवसर मिला उन्होंने हर क्षेत्र व तबके के लिए काम किया। नीतीश कुमार का निश्चय था आर्थिक हल, युवाओं को बल। इसके तहत वह युवा पीढ़ी के भविष्य को संवारेंगे। बैैंकों की उदासीनता व असहयोग को देख सरकार ने शिक्षा वित्त निगम बनाया।
संजय सिंह ने कहा कि आज समाज के सभी तबके के विद्यार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सिर्फ अनुसूचित जाति-जनजाति ही नहीं समाज के हर कमजोर तबके विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने उत्थान का बराबर मौका दिया। संजय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2008-09 मे ही दसवीं की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों को मेधावृत्ति योजना के तहत दस हजार रुपये दिए जाने का निर्णय लिया।