नहाय खाय के साथ चार दिवसीय चैती छठ की शुरुआत, खरना कल

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Bihar Chath Puja: चैती छठ पूजा की शुरूआत मंगलवार को नहाय खाय के साथ हो रही है।

चार दिवसीय पर्व के दूसरे दिन बुधवार को व्रती खरना करेंगे और इसके बाद गुरुवार को भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया जाएगा। बिहार समेत झारखंड और यूपी के पूर्वांचल में भी ये पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

पटना, लोक आस्था के महान पर्व चैती छठ की शुरुआत आज से नहाय खाय के साथ हो गयी है। छठ यूं तो साल में दो बार मनाया जाता है और कार्तिक मास में मनाये जाने वाले छठ पर्व को अधिक महत्व दिया जाता है लेकिन चैती छठ का महत्व पूर्वांचल के लोगों के लिए एक समान ही होता है। चैत्य में होने के कारण ये चैती छठ के नाम से जाना जाता है। चुकी चैत्य के समय में भीषण गर्मी होती है इस कारण इस व्रत को करने वाले लोगों की संख्या कार्तिक छठ की तुलना में कम होहै।

चैती छठ पूजा का आज पहला दिन है जिसकी शुरूआत आज नहाय खाय के साथ हुई है और फिर अगले दिन खरना का व्रत किया जाएगा। खरना व्रत के दिन संध्या काल में व्रती प्रसाद के रूप में गुड़ की खीर, रोटी और फल का सेवन करते हैं और फिर अगले 36 घंटों तक निर्जला व्रत रखते हैं। छठ पूजा में षष्ठी तिथि में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और पर्व का समापन होता है।

नहाय खाय के पहले दिन राजधानी के गंगा घाटों पर व्रतियों ने गंगा स्नान किया पूजा पाठ किया और फिर आज अरवा चावल,चने की दाल और कद्दू की सब्जी का प्रसाद बनाएगी जबकि कल यानी बुधवार को खरना पूजा की जाएगी। गर्मी के कारण 36 घंटे का निर्जला उपवास बहुत ही कठिन होता है लेकिन फिर भी कई लोग चैती छठ को धूमधाम से मनाते हैं।