बिहार के विकास की और नितीश सरकार ने बाध्य एक और कदम , बिहार में टूरिस्टों को अब मिलेगा हेलीकाप्टर सम्बंधित सेवायें।

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बिहार में शराबबंदी कानून को लागु करने के लिए नितीश सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। इसके लिए नितीश ने हवाई सर्वेक्षण का भी रास्ता अपना लिया है। बिहार में अब शराबबंदी का मुयाना हवाई मार्ग यानि हेलीकॉप्टर के जरिये करवाई जायेगी। जिसेक वजह से आपको हवा में हेलीकाप्टर उड़ते हुए दिखाई देने वाले है। हालाँकि यें हेलीकाप्टर एक और कारन से भी उड़ते हुए दिखाई देने वाले है। दरअसल बिहार में टूरिज्म को बढ़ावा और शराबबंदी को लागु करने के लिए नितीश सरकार हवा में हेलीकाप्टर उड़ाने का आदेश दे चुकी है। एक तरफ हेलीकाप्टर से गंगा किनारे शारब के ठिकानों को पकड़ने और ध्वस्त करने की कोशिस की जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ हेलीकाप्टर के जरिये बिहार में टूरिज्म को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। दरअसल बिहार में अब पर्यटकों के लिए हेलीकाप्टर सेवा शुरू की जा रही है। बिहार के पर्यटक स्थल पर आसानी से और काम समय में पहुँचने के लिए बिहार सरकार हेलीकाप्टर सेवा सुरु करने जा रही है।

न शहरों में शुरू की जायेगी हेलीकाप्टर सेवा

यह हेलीकाप्टर सेवा बिहार के उन शहरों के लिए सुरु की जायेगी जहां पर पर्यटक स्थल हैं। यह सेवा उन जिलों में दी जायेगी जो पर्यटन के मामले में काफी प्रशिद्ध है। इन जिलों में गया ,बोध गया ,वैशाली ,राजगीर ,पटना आदि शामिल है। इसके अलावा उत्तरप्रदेश के वाराणसी और कुशीनगर को भी हेलकॉप्टर सेवा के जरिये आपस में जोड़ा जाएगा। इस सेवा को शुरू करने के लिए गया हवाई अड्डे को और भी विस्तृत किया जायेगा। जिसके लिए अदबयानी एशियन डेवलपमेंट बैंक वित्तीय सहायत प्रदान करेगा। हेलकॉप्टर सेवा से बिहार के वैशाली जिले की जोड़ने की कवायत सुरु कर दी गई है। इसके लिए वैशाली में हेलीकाप्टर लैंडिंग सम्बंधित स्थानों का मुआयना की जा रहा है।

एक और बैठक के बाद भेजा जाएगा केंद्र सरकार को प्रस्ताव

गौरतलब है की बिहार में बुद्ध से जुड़े कई पर्यटक स्थल है जो विदेशी टूरिस्ट को भी आकर्षित करता है। टूरिज्म विकास और ADB के सुझावों और कार्य योजनाओ के मद्देनजर इस योजना की शुरुआत करने की पहल हो रही है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के revival of India as a global center of Buddhist culture &tourism agenda का एक हिस्सा है जो भारत में टूरिज्म को बढ़ावा देने का काम करता है।बिहार के कई जिलों के जिला अधिकारी और पर्यटन से सम्बंधित विभागों के अधिकारीयों के साथ 12 जनवरी को ही इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी थी। जिसके बाद अब एक और बैठक के बाद यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भी भेज दी जायेगी। बहरहाल सरकार के इस कदम से यह तय है की सरकार टूरिज्म की तरफ एक अच्छा कदम उठा रही है। और ऐसा हो सकता है की यह कदम भविष्य में एक सफल कदम शाबित हो सकता है।