कोरोना से ज्यादा डर के मरीज

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कोरोना के बढ़ते मामलों से लोगों के दिलों दिमाग में एक प्रकार का भय भी शामिल हो चुका है । हल्की सर्दी पर भी लोग करवा रहें हैं कोरोना जांच।

देशभर में कोरोना तेजी से फैल रहा है परंतु कोरोना का डर उससे भी ज्यादा तेजी से फैल रहा है। कोरोना ने सिर्फ लोगों के शारीरिक जीवन पर असर डाला है बल्कि उनकी मानसिक स्थिति को भी बुरी तरीके से प्रभावित किया है। कई लोग तो इस कदर डर गए हैं कि हल्की सी सर्दी जुकाम पर भी कोरोना की जांच कराने पहुंच जा रहे हैं ऐसे में डॉक्टरों के पास कोरोना के जांच के लिए एक लंबी कतार लग जा रही है जिससे नुकसान यह हो रहा है कि वैसे मरीज जिनको वास्तव में कोरोना जांच की जरूरत है उसकी जांच सही समय पर नहीं हो पा रही है और दिक्कतें बढ़ती चली जा रही है। 

डॉक्टर और एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादा संख्या में कोरोना मरीजों के जांच की वजह से उनके रिपोर्ट को समय पर दे पाने में मुश्किल हो रही है । डॉक्टरों की मानें तो 1 दिन में अधिकतम 500 से 800 तक कोरोना मरीजों की  जांच कर सकते हैं और उनकी रिपोर्ट समय पर दे सकते हैं परंतु  लोगों  के अंदर  , डर इस कदर फैला हुआ है कि लोग बिना वजह कोरोना की जांच करवा के आश्वस्त हो जाना चाहते हैं। 

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हालांकि सेहत का ख्याल रखना अच्छी बात है पर लोगों को यह भी ध्यान में रखना होगा की यह संक्रमण तुरंत नहीं असर करता है ।ऐसा हो सकता है की आप जांच के वक्त नेगेटिव आ जाएं और अगले कुछ दिनों में आप की टेस्ट पॉजिटिव आ जाए।

ये जरूरी नहीं कि आप किसी मरीज के संपर्क में आ गए तो आप भी संक्रमित हो गए । हालांकि संभावनाएं ज्यादा है संक्रमित होने की परंतु अगर आप किसी कोरोना मरीज के संपर्क में आ भी जाते है तो खुद को आइसोलेट करें और कम से कम छः दिनों बाद ही अपनी जांच कराएं । क्यूंकि की कोरोना के स्ट्रेन छः दिनों के बाद दिखने सुरु हो सकते हैं ।

उसके बाद आप अगर पॉजिटिव आते हैं तो ज़रूरी  उपचार करें , निरंतर बुखार और ऑक्सीजन लेवल को मापते रहें । अगर आपका ऑक्सीजन लेवल 95 से कम हो जाता है तो शीघ्र ही डॉक्टर को दिखाएं ।

चुकीं स्वक्षता और सावधानियां ही आपको इस महामारी से  बचा सकती है इसलिए  लोगों से अन्यथा न मिले 2 गज की दूरी बनाएं और हमेशा मास्क पहने ।हम आपके अच्छे स्वास्थ की कामना करते हैं।

 सुमित साहित्य

(कॉपी एडिटर, TD NEWS)