भारत के पूर्वोतर राज्यों असम और मिजोरम के आपसी विवाद में पुलिस के 6 जवान शहीद

0
30

भारत के जवान अब तक देश के लिए लड़ते हुए शहीद होते थे पर अब अपने ही देश के राज्यों के लिए लड़ते लड़ते शहीद हो गए है ।दरसल पूर्वोत्तर के दो राज्यों असम और मिजोरम के बीच सीमा पर जारी हिंसा में असम पुलिस के छह जवानों की जान चली गई है। जिसके बाद असं के मुख्यम्नत्री ने ट्वीट कर के जवाओं के घरवालों के प्रति संवेदना ब्यक्त की और कहा ‘मुझे यह सूचित करते हुए बहुत दुख हो रहा है कि असम-मिजोरम सीमा पर हमारे राज्य की संवैधानिक बॉर्डर की रक्षा करते हुए असम पुलिस के छह बहादुर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है ‘। पुरोवतार राज्यों के बिच का झगड़ा काफी पुराना है मगर आपके जानकारी के लिए बता दे की असम और मिजोरम के बिच आपसी तनाव क्या है ,आखिर क्यों वो राज्य आपस में लड़ रहे हैं तो दरसल बात यह है की, असम और मिजोरम के बीच सीमा निर्धारित नहीं है। संवैधानिक और ऐतिहासिक सीमा को लेकर अलग-अलग समझ होने के चलते अक्सर ये राज्य आमने-सामने आ जाते हैं। असम संवैधानिक सीमा के पालन की वकालत करता है, जबकि असम से कटकर अलग हुए दूसरे राज्य नगालैंड, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश ऐतिहासिक सीमाओं पर जोर देते हैं।

हालाँकि मौजूदा समय में असम और मिजोरम के तनाव के पीछे कोविड-19 का एक कैंप है। असम ने कछार जिले लैलापुर में मिजोरम के सरकारी अधिकारियों ने कोरोना जांच के लिए एक कैंप बनाया ताकि राज्य में प्रवेश करने से पहले लोगों का कोविड-19 टेस्ट किया जा सके। यह कैंप असम क्षेत्र के 1.5 किमी अंदर बनाया गया था। यही कारण है की दोनों राज्य आपस महि भीड़ गए हैं दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आपस में बात कर के मामले को खत्म करने की बात कही है । हालाँकि इसके पहले दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री टेववटर पर ही लड़ बैठ थे और गृह मंत्री अमित शाह से शिकायत भी की थी अंत में अमित शाह ने दोनों मुख्यंत्रीयों को बुला कर शनिवार को शिलांग में पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सीमा विवाद पर एक बैठक की थी। बहरहाल देश और गृह मंत्रालय इस विवाद को बढ़ने से रोक दिया है अब आगे देखना होगा की शांति के लिए किस मुद्दे को समक्ष रखा जाएगा ।