बसवराज बोम्मई होंगे कर्णाटक के नए मुख्यमंत्री

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येदियुरप्पा के स्तीफा के बाद कर्णाटक का आगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस बात का पता नहीं लग पा रहा था मगर आखिकार यह तय हो गया की कर्णाटक का अगला उत्तराधिकारी कौन होगा । येदियुरप्पा के बाद उनके बेहद करीबी और राज्य के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई आज सुबह 11 बजे सीएम पद का सापथ ग्रहण करेंगे । बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद मंगलवार शाम को केंद्रीय पर्यवेक्षकों धर्मेंद्र प्रधान, जी किशन रेड्डी और कर्नाटक भाजपा प्रभारी अरुण सिंह की देखरेख में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें येदियुरप्पा ने अपने करीबी और लिंगायत समुदाय से आने वाले राज्य के गृहमंत्री बोम्मई के नाम का प्रस्ताव रखा, जिन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। देर रात बोम्मई ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की। बसवराज बोम्मई को सीएम बनाने के पीछे का अगर समीकरण देखा जाए तो बसवराज बोम्मई लिंगायत समुदाय के नेता है तथा लिंगायत समूह का लगभग 90 प्रतिशत वोट बैंक इनके पास है ।और अगर कर्णाटक में लिंगायत समुदाय की जनसँख्या की बात करे तो कर्णाटक के कुल जनसँख्या की लगभग

18 प्रतिशत आबादी लिंगायत समुदाय की है 2023 के आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को इस समीकरण का फायदा मिलेगा । भाजपा ने अपने पति के राजनीति में बहुत सारे बदलाव किये हैं । नए मंत्रियों को जगह दी है ,इसके अलावे कुछ पुराने मंत्रियों को भी उनके पद से स्तीफा दिलवाया है और उनके जगह दूसरे नए लोगों को मौका दिया गया है मगर इन सब से हट के अगर देखे तो यह ज्ञात होता है की इन सारे बदलाव का कनेक्शन कही न कही आगामी लोक सभा के चुनाव से है । दरअसल जितने भी लोग केंद्रीय मंत्री या मुख्यमंत्री बनाये गए हैं उनके साथ वोटरों की संख्या अधिक है । अब अगर कर्णाटक की ही बात करें तो बोम्मई को मुख्यमंत्री बनाने जाने का कारन पता चल जाता है । बहरहाल भाजपा के आलाकमान के दिमाग में क्या चल रहा है वो वही जाने मगर उनके फैसलों से यह अंदाजा लगाया जा सकता यही की बजपा 2023 के लोक सभा चुनाव के लिए अभी से कमर कस रही है ।