अपने नेताओं को सँभालने में Congress नाकाम, Congress के 8 विधायक थाम सकते हैं BJP का दामन

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कांग्रेस बाहरी चुनावी लड़ाई के पहले अपने पार्टी की आंतरिक लड़ाई लड़ रही है । पार्टी नेताओं के आपसी रंजिस पार्टी को और भी कमजोर बना रही है । नवनिर्वाचित पंजाब कांग्रेस समिति के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरेंद्र सिंह के बिच अभी रंजिश पूरी तरह खत्म भी नहीं हुई थी की मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंददास कोंथौजम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । यही नहीं, खबर है की कांग्रेस के 8 दिग्गज नेता आज बीजेपी का दामन थाम सकते हैं । पार्टी के टूटते सदयस्यों के वजह से कांग्रेस दिन प्रति दिन कमज़ोर होते जा रही है । गोविंददास कोंथौजम कांग्रेस पार्टी से बिष्णुपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार विधायक चुने गए और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं । पिछले साल दिसंबर में उन्हें मणिुपर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था मगर पार्टी से मनमुटाव के कारन उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । हालंकि कारन का अस्पस्टीकरण अब तक नहीं हुआ है मगर कहा जा रहा है की पार्टी अध्यक्ष काफी समय से नाराज चल रहें थे । गौरतलब है की अगले साल मणिपुर में विधानसभा के चुनाव होने हैं जिसके लिए भाजपा अभी से ही रणनीति तैयार कर रही है । इसी साल मई महीने में मणिपुर भाजपा पार्टी के अध्यक्ष टिकेंद्र सिंह की कोरोना से मौत हो गई थी ।जिसके बाद पिछले महीने भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में शारदा देवी को नियुक्त किया । शारदा देवी औपचारिक रूप से जून, 1995 में एक सक्रिय सदस्य के रूप में भाजपा में शामिल हुईं थी और वार्ड नंबर 7 से लम्फल नगर परिषद का चुनाव लड़ा और पार्षद के रूप में चुनी गईं थी । वह अतीत में राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर कई प्रमुख पदों पर रहीं। इसके अलावे देवी मृदुल्लाह सिन्हा , माया सिंह के कार्यकाल में दो बार राष्ट्रीय सचिव के पद पर रहीं। शारदा सिंह भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुकी हैं और अब उन्होंने मणिपुर भाजपा के अध्यक्ष में कार्यभार संभाला है । दरअसल भाजपा उन नेताओं को टारगेट कर रही है जिनके वोट बैंक मणिपुर के चुनावी समीकरण को ही बदल के रख देगें । पर इन अब सियासी खेल के बिच यह कहना गलत नहीं होगा की कांग्रेस पार्टी कमजोर होती दिख रही है ।