महाराष्ट्र में बाढ़ और बारिश का कहर अभी भी जारी ,अब तक 130 लोगों की गई जान

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महाराष्ट्र में भूस्खलन के कारण अब तक 130 लोगों की मौत हो चुकी है । बीते कुछ दिनों में महाराष्ट्र में जिस तरह की बारिश हुई है ,उससे महारष्ट्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पर रहा है । बारिश के वजह से कई इलाकों जैसे महाड,रत्नागिरी रायगढ़ आदि कई जगहों पर पानी ने बाढ़ का रूप ले लिया है । महाराष्ट्र के समुद्रतटीय कोंकण, रायगढ़ और पश्चिम महाराष्ट्र में पिछले तीन दिनों से मूसलधार बारिश हो रही है। इसी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पर्यटनस्थल महाबलेश्वर में पिछले तीन दिनों में 1500 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई है। भारी बारिश के कारण रत्नागिरी जिले के चिपलूण शहर बड़ा हिस्सा गुरुवार को जलमग्न था। बारिश ख़त्म होने के बाद जब नुकशान का जायजा लिया गया तो स्थिति काफी भयावह निकली . बारिश के वजह स कही बाढ़ है तो कही भूस्खलन के कारण गिरे हुए पहाड़ों के मलबे . पिछले 24 घंटों में रायगढ़, रत्नागिरी और सतारा में हुई इन घटनाओं में कई लोग अब भी मलबे में दबे हैं। भूस्खलन के वजह से रायगढ़ में पहाड़ के मलबे के निचे 130 लोगों के दबे होने की आशंका थी । NDRF की टीम मलबे से अब तक 44 शव निकाले हैं ,35 लोगों गंभीर रूप से घायल है जिनका इलाज चल रहा है । मलबे में अभी 50 लोगों के और दबे होने की आशंका है ।

भूस्खलन के अलावा कई लोग बाढ़ के तेज बहाव में बह गए। मौके पर नौसेना की टीम भी पहुंचकर NDRF की मदद कर रही है । साथ ही रात बचाव का काम भी सेना हवाई मार्गों के द्वारा कर रही है । मलबे से दब के मरने वालों के अलावा इधर, महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने कहा कि मलबे से दब के मरने वालों के अलावा महाराष्ट्र में बारिश और मानसून से संबंधित अन्य घटनाओं के कारण शुक्रवार 23 जुलाई की शाम तक 136 आकस्मिक मौतें हुई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बतया की रायगढ़ के हादसे और मानसून का कहर देखते हुए नौसेना और NDRF की टीमों द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जा रहा है । अब तक लगभग 85 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चूका है और उनकी मदद की जा रही है । उन्हें NDRF की टीम द्वारा भोजन भी दिया जा रहा है . दोनों टीम अभी भी राहत बचाव का काम कर रही है । महारष्ट्र में बाढ़ से पीड़ित लोगों की पीड़ा असहनीय ही मानी जा सकती है बहरहाल आज के हलचल में इतना ही देखते रहें टीडी न्यूज़ ।