झारखंड-बिहार का सबसे खूंखार गैंगस्टर अखिलेश सिंह के नाम से कांपता है लौहनगरी

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नमस्कार मैं हूँ पारितोष कुमार और आप देख रहे हैं टीडी न्यूज़ पर crime in camera.. और आज इस एपिसोड मे हम आपको बता रहे हैं एक ऐसे खूंखार गैंगस्टर की कहानी जिससे पूरा स्टील सिटी काँपता है. ध्यान से देखिए…
यह है झारखंड का सबसे खूंखार गैंगस्टर, जिसके नाम से पूरा राज्य कांपता है। स्टील सिटी जमशेदपुर के हर कारोबारी इस नाम से ही खौफ खाते हैं। इस गैंगस्टर के खिलाफ 56 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है। इसका नाम है अखिलेश सिंह।..जी हाँ अखिलेश सिंह जमशेदपुर के सिदगोड़ा में रहता है। फिलहाल दुमका जेल में बंद है। वह बिहार के बक्सर का मूल निवासी है। फरारी के दिनों में वह बिहार में ही छुपा करता था।आपको बता दे कि
बागबेड़ा कालोनी निवासी ट्रांसपोर्टर सह झामुमो नेता उपेंद्र सिंह की हत्या मामले में गैंगस्टर अखिलेश सिंह की जमानत अर्जी पर सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय के जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत में सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने आरोपित को जमानत देने से इंकार कर दिया। इसके बाद आरोपित के अधिवक्ता ने अर्जी वापस ले ली। जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में जमानत खारिज होने के बाद उसने झारखंड उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दाखिल की थी। अखिलेश सिंह दुमका जेल में बंद है।
उस पर जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के बार एसोसिएशन भवन परिसर में 30 नवंबर 2016 को उपेंद्र सिंह की हत्या कराने का आरोप है। गौरतलब है कि उपेंद्र सिंह की हत्या अखिलेश सिंह के गुर्गे विनोद सिंह और सोनू सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। भीड़ ने दोनों शूटरों को घेराबंदी कर पकड़ लिया था। दोनों के पास से पिस्तौल बरामद किए गए थे। सीतारामडेरा थाना की पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर थाना ले गई थी।
कुछ दिन पहले ही दोनों शूटरों को आर्म्स एक्ट के मामले में तीन-तीन साल की सजा 27 जुलाई को जमशेदपुर न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एनजेला जॉन की अदालत ने सुनाई थी। उपेंद्र सिंह हत्या मामले में अखिलेश सिंह, हरीश सिंह, जसवीर सिंह, संजय जोजो, विनोद सिंह, सोनू सिंह समेत 10 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हत्या मामले में अखिलेश सिंह के गुर्गे हरीश सिंह को झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिली है।


अखिलेश सिंह के खिलाफ 56 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है। इनमें उपेंद्र सिंह हत्याकांड, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी, दस्तावेज की हेराफेरी, जयराम सिंह, आशीष डे, परमजीत सिंह हत्याकांड समेत अन्य मामले है। साकची जेल के जेलर उमाशंकर पांडेय की हत्या मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 2007 में उसे उच्च न्यायालय से पेरोल मिला था, लेकिन इसके बाद वह समय पर अदालत में उपस्थित नही हुआ। दोबारा वह दिल्ली के नोएड़ा से 2011 में पकड़ा गया था। 2015 में उसे कुछ शर्तो के साथ झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी। इस बीच सोनारी के अमित सिंह और उपेंद्र सिंह की हत्या का मामला दर्ज हुआ। जमशेदपुर की पुलिस ने उसे गुरुग्राम से अक्टूबर 2017 को पत्नी के साथ गिरफ्तार किया था।..तो ये था आज का crime in camera एपिसोड.. अगले एपिसोड मे हम फिर मिलते है.. तब तक आप देखते रहें टीडी न्यूज़ नमस्कार