बिहार में 22.09 प्रतिशत बच्चे पाए गएँ कुपोषित स्वास्थ मंत्रालय ने लिए ये अहम् फैसले

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बिहार भारत के सबसे गरीब राज्यों में से एक है , बिहार में गरीबी दर अधिक मात्रा में ब्याप्त है आकड़ों की माने तो 33.73 प्रतिशत बिहार की जनता गरीबी रेखा के भीतर जीवन यापन करती है । बिहार की गरीबी का असर बिहार के बच्चों पर भी पर रही है । बिहार स्वास्थ मंत्रालय के आंकड़ों की माने तो बिहार में 5 साल के उम्र के 22.09% बच्चे कुपोषित मिले है । इनमें 8.8 फीसदी बच्चे अति गंभीर हैं और उन्हें इलाज की जरूरत है। सम्बंधित आकड़ों को देखते हुए बिहार के स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय ने कुछ जरुरी फैसले लिए हैं । उन्होंने कहा की आकड़े बताते हैं की इन बच्चों का फ्यूचर किस तरह से खतरे में हैं उन्होंने बताया कि राज्य में इस आयु वर्ग के बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य के पोषण पुनर्वास केंद्रों यानी एनआरसी पर सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावे उन्होंने कहा की इन केंद्रों पर कुपोषित बच्चों के देखभाल के लिए विभाग ने 34 कम्युनिटी बेस्ड केयर स्टैंडर्ड यानी सीबीसीई तथा 27 फीडिंग डेमोन्स्ट्रेटर नियुक्त किए हैं। नियुक्त किये गए सभी सीबीसीई और एफडी को यह निर्देश दिया गया है की कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाने में अभिभावकों को जागरूक और प्रेरित करने के साथ-साथ उनके लिए डायट चार्ट उपलब्ध कराया जाए । ताकि बच्चों का वजन और उनकी लंबाई उम्र के हिसाब से विकसित हो सके। साथ ही वो शारीरिक मानशिक दोनों तरह से स्वस्थ रहें । बिहार सर्कार के इस फैसले से कुपोषित बच्चों के आंकड़े काम होने की उम्मीद है । फिलहाल आज के हैडलाइन में इतना ही देखते रहें टीडी न्यूज़ ।