UP में चुनाव से पहले चल रहें हैं आरोप प्रत्यारोप के तीर ,बीजेपी और सपा की लड़ाई होने वाली है रोमांचक

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उत्तरप्रदेश चुनाव को सुरु होने में महज 18 दिन और बाकी है ,इस चुनावी महायुद्ध में भाजपा से लेकर सपा ,बसपा और क्षेत्रीय पार्टी भी अपनी कमर कस चुकी है। यूपी में चुनाव 7 चरण में होंगे। यह चुनाव 10 फरवरी से सुरु होकर 7 मार्च तक चलेगा और इसके बाद 10 मार्च को वोटों की गिनती होनी है। आपको बता दे की पहले चरण में 55 जिलों में चुनाव होंगे जिनमे कैराना, थाना भवन, शामली, बुढ़ाना, चरथावाल, पुरकाजी (एससी), मुजफ्फरनगर, खतौली, मीरापुर, सिवालखास गाजियाबाद,गढ़मुक्तेश्वर, नोएडा, दादरी, जेवर, सिकंदराबाद, बुलंदशहर,आदि शामिल है। उत्तरप्रदेश का चुनाव इस बार कई मामलों में ख़ास होने वाला है।

इस बार के चुनावी महायुद्ध में सभी पार्टियों के तरफ से युवा चेहरे ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। जहाँ एक तरफ बीजेपी अपने नेताओं को खो रही है वही दूसरी तरफ सपा उन नेताओं की अपने पार्टी में आवभगत कर रहें है। हालाँकि बीजेपी भी युवाओं पर अपना दाँव खेल रही है। हाल ही में मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधु अर्पणा यादव बीजेपी में शामिल हुई हैं। हालाँकि सूत्रों के हवाले यह पता चला है की बीजेपी अर्पणा को चुनाव नहीं लड़ाएगी बीजेपी ने कहा है की चुनाव के बाद अर्पणा के लिए उनके पास अलग से प्लान है। तो सवाल यह है की क्या बीजेपी अर्पणा को बस मुलायम यादव के खिलाफ सिर्फ उनका चेहरा इस्तेमाल कर रही ह। बहरहाल बीजेपी के तरफ से दलितों को रिप्रेजेंट कर रहे स्वामी प्रशाद मौर्या और उनके साथ ४ और विधायकों के सपा में छलांग लगाने से सपा मजबूत होती दिखाई दे रही है। इधर बीजेपी पर आरोपों के तीर लगातार दागे जा रहें है। बीजेपी छोर कर जाने वाला हर नेता उसपे दलितों की अवहेलना के आरोप लगा रहा है। इधर बीजेपी संसद केपी यादव ने अपने ही पार्टी के संसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक मंत्रियों पर उनकी अवहेलना करने का आरोप लगया है। केपी यादव ने एक बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक चिट्टी लिख कर इसकी शिकायत की है। चिट्ठी में सांसद केपी यादव ने लिखा है कि मध्य प्रदेश सरकार में सिंधिया समर्थक मंत्री और नेता उनकी लगातार उपेक्षा कर रहे हैं. हालाँकि उन्होंने यह चिट्ठी दिसंबरदिसंबर 2021 में लिखी थी, जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रही है. चिट्ठी के वायरल होते ही राज्य की सियासत गरमा गई है. उन्होंने आगे लिखा की ‘सिंधिया समर्थक मंत्री और नेता पार्टी या सरकारी कार्यक्रमों में मुझे निमंत्रण तक नहीं भेजते. उद्घाटन या लोकार्पण कार्यक्रम की शिलापटि्टका पर भी उचित स्थान नहीं दिया जाता. जबकि इनमें से कई कामों को मेरे ही प्रयासों से मंजूरी मिली है. यादव ने लिखा है कि सिंधिया समर्थक मंत्री उनकी अध्यक्षता में होने वाली बैठकों का लगातार बॉयकॉट कर रहे हैं’। हालाँकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के तरफ से इस मामले पर अभी कोई बयान नहीं आया है। बहरहाल चुनाव से पहले उत्तरप्रदेश की राजनीती का रंग धीरे धीरे बदल रहा है हम आपको हर खबर से अपडेट करते रहेंगे देखते रहें टीडी न्यूज़ ।