उत्तरप्रदेश विधान सभा चुनाव पर मंडरा रहा है संकट ,आज लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

0
97

देश में कोरोना की स्थिति बेहतर नहीं कही जा सकती है और ऐसे में अगले साल कई राज्यों में विधान सभा चुनाव होने है। जिन राज्यों में विधान सभा के चुनाव होने हैं उसमे उत्तरप्रदेश,उत्तराखंड,पंजाब,मणिपुर और गोवा शामिल है। इनमे सबसे पहले और कोरोना के लिहाज से सबसे चिंताजनक उत्तरप्रदेश विधान सभा चुनाव है। इनके अलावे कई राज्यों में पंचायत चुनाव भी होने है। उत्तरप्रदेश विधान सभा चुनाव को तय समय के अनुसार 15 मार्च तक ख़तम हो जाने है और हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार फेब्रुअरी महीने में ही कोरोना के तीसरी लहार आने की सम्भावनाये है अब ऐसे में भारत सर्कार और उत्तरप्रदेश सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

उत्तरप्रदेश विधान सभा चुनाव के बारे में सुझाव देते हुए इलहाबाद हाई कोर्ट ने यह कह की चुनाव को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए। अब यदि ऐसा करने की सोची भी जाए तो दो चीजे करने आवश्यक होंगी चुनाव टालने के लिए सविंधान में संसोधन करना होगा या फिर उत्तरप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाना होगा जिसके लिए सदन बुलाने की आवस्यकता होगी। दोनों ही रास्ते थोड़ी मुश्किल भड़ी है। अब एक दूसरा रास्ता यह बचता है की चुनाव टालने के बजाये वह कोशिश की जाए की चुनाव को सुरक्षा पूर्वक और कुछ प्रोटोकॉल के जरिये कराया जाए जिससे चुनाव भी हो जाए और कोरोना बढ़ने का खतरा भी न हो। चुनाव आयोग ने भी इस बात पर सहमति जताई है की चुनाव टालने के बजाय उसे सुव्यवस्थित ढंग से करा लिया जाए अब ऐसे में चुनाव प्रचार के लिए प्रतिनिधियों को वक़्त नहीं मिलेगा। गौरतलब है की उत्तरप्रदेश भारत के सबसे ज्यादा जबसन्ख्या वाले राज्यों में से एक है ऐसे में कोरोना का खतरा न सिर्फ उत्तरप्रदेश के लिए बढ़ेगा बल्कि पूरा भारत इसके वजह से खतरे में आ जाएगा। हालानकी चुनाव पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। प्रधान मंत्री आज मीटिंग में इसका फैसला ले सकते हैं।