Petrol के कीमतों में हो सकती है बढ़ोतरी । अंतराष्ट्रीय बजारों में बढ़ी कच्चे तेल की कीमतें

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विदित है की जंग किसी एक के लिए परेशानी नहीं लाता इसके परिणामो से हर कोई प्रभावित होता है। जब घर के दो सदस्य लड़ते हैं तो उस घर का हर एक सदस्य भी प्रभावित होते हैं। वैसे ही जब दो देश लड़ते हैं तो उसका परिणाम उनके अलावे बाकी देशों और उनके लोगों को भी भुगतने पड़ते है। यूक्रेन और रूस के आपसी जंग का आज अतः दिन है। इस जंग में अंत में किसकी जित होनी है यह तय नहीं किया जा सकता है पर इसके आने वाले परिणामो का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस युद्ध से यूक्रेन और रूस तो प्रभावित हो ही रहें हैं पर बाकी देशों पर भी अब इस प्रभाव को देखा जा सकता है। भारत को भी इससे अछूता न रहने की आशंका जताई जा रही है।

इस युद्ध के पश्चात् भारत में पेट्रोल के दामों में १५ रुपये तक का इजाफा हो सकता है। यानी आने वाले दिनों में पेट्रोल के दाम 15 रुपये तक बढ़ सकते हैं और इससे लोगों को अपने वाहनों को रोड पर भगाने में दिक्कत आ सकती है। दरअसल रूस-यूक्रेन के बीच कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. इसके बाद ऐसा माना जा रहा है कि यूपी चुनाव के अगले हफ्ते से पेट्रोल डीजल की कीमतों में 15 रुपये से 20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है.दरअसल पेट्रोल की कीमतों के दाम बढ़ेंगे या काम होंगे ये इस बात पर निर्भर करता है की मार्किट में कच्चे तेलों के मूल्य में बृद्धि या कमी हो रही है। और यूक्रेन और रस्सी के युद्ध के बाद कच्चे तेलों के दाम में लगातार बृद्धि देखि जा रही है। आपको बता दें, इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमतें 111 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. यह क्रूड के लिए करीब 8 साल का हाई है. डबल्यूटीआई क्रूड भी 109 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है.फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, IIFL के VP-रिसर्च अनुज गुप्ता का कहना है कि ब्रेंट अभी 111 डॉलर प्रति बैरल के करीब है. यह करीब 7.5 साल का हाई है. जबकि एमसीएक्स पर क्रूड लाइफ टाइम हाई 8088 रुपसे पर पहुंच गया है. जियोपॉलिटिकल रिस्क और सप्लाई कंसर्न के चलते क्रूड अगऔर 1 महीने में 125 डॉलर प्रति बैराल तक महंगा हो सकता है. वहीं एमसीएक्स पर यह 8500 से 8700 रुपये तक पहुंच सकता है। वही अगर बात भारत की करें तो भारत में भी कुछ समय से पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई और अब जब अंतरष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढोत्तर से तेल के दामों में 15 से 20 रुपये तक बृद्धि हो सकती है। हालाँकि आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा गया है पर ब्याप्त परिस्थतियों को देखते हुए यह कहना आसान होते जा रहा है।