भारतीय नौसेना के पोत आईएनएस रणवीर में हुए धमाके की वजह यह ,जांच में सामने आई बातें

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भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस रणवीर में कल शाम ५ बजे एक विस्फोट होने के कारण भारतीय नौसेना के तीन कर्मियों की मौत हो गई है ,और वही 11 नौसेना कर्मी घायल हैं जिन्हे अस्पताल में भर्ती किया गया है। बतया जा रहा है की यह घटना मुंबई डॉकयाड पर हुई है। यह घटना आईएनएस रणवीर के आंतरिक डिब्बे में हुई है। आईएनएस रणवीर में शहीद जवानों के नाम —अरविंद कुमार महत्तम सिंह 38 साल, सुरेंद्र कुमार S वालिया उम्र 47 साल और कृष्ण कुमार गोपी राव उम्र 46 साल। इन शहीद जवानों के शवों को जेजे अस्पताल में भेज दिया गया है। तीनों नेवी के जवानों का निधन पर उनकी तस्वीर नेवी ने जारी की और ट्वीट कर श्रद्धांजलि ​अर्पित की। घटना के बाद धमाके की वजह की जांच के लिए एक बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है। इस मामले में नेवी ने बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का गठन किया है-मुम्बई नेवल अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

हालाँकि वहां मौजूद नौसेना कर्मियों ने बताया की यह विस्फोट उस कम्पार्टमेंट के बगल में मौजूद frayon गैस के बाहव रुक जाने के कारण हुआ है। दरअसल फ्रयों गैस ठण्ड के कारन लिक्विड से सॉलिड में परिवर्तित हो चूका था। और साइंस के अनुसार जब कोई लिक्विड सॉलिड में चेंज होता है तो उसका आयतन बढ़ जाता है । ऐसे में फ्रीऑन गैस के सॉलिड बनने के बाद आयतन बढ़ गया और ब्लास्ट हो गया।आईएनएस रणवीर नवंबर 2021 से पूर्वी नौसैन्य कमान से क्रॉस कोस्ट अभियान तैनाती पर था और जल्द ही बेस पोर्ट पर लौटने वाला था। इस घटना में जहाज को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है और अब स्थिति नियंत्रण में है। अगर बात करे आईएनएस रणवीर की तो यह भारतीय नौसेना बेड़े में शामिल 5 राजपूत श्रेणी के विध्वंसकों में से चौथा आईएनएस रणवीर 28 अक्टूबर 1986 को भारतीय नौसेना में शामिल हुआ था।यह पोत हथियारों से भाड़ा हुआ होता है और यह दुश्मन के बड़े बड़े जहाज़ों को भी मार गिराने की क्षमता रखता है। जिनमें सतह से सतह एवं सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, विमान भेदी एवं मिसाइल रोधी बंदूकें और टारपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेट लांचर शामिल हैं। बहरहाल इस विस्फोट के जांच में कई और बाते सामने आ सकती है।