जब मंच पर बैठने के लिए आपस में ही भीड़ गए भाजपा के नेतागण ,भूल गए सब मर्यादाएं

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हर जगह कुर्शी के लिए मारामारी है ,चाहे वह आधिकारिक हो या राजनैतिक कुर्शी के लिए लोगों में होड़ लगी रहती है। उत्तरप्रदेश में चुनावी सरगर्मी अब तेज हो चुकी है उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्शी पर कौन बैठेगा इसका फैसला होने में थोड़ा वक़्त लग सकता है पर चुनावी मंच की कुर्शी पर कौन बैठ सकता है इसके लिए तो फैसला लगे हाथो ही हो सकता है। दरसल उत्तरप्रदेश के कनौज में एक जनसभा के दौरान विपक्ष को जबाब देने के बजाय भाजपा के कुछ नेता मंच पर बैठने के लिए आपस में ही लड़ पड़े।लड़ाई इस हद तक जा पहुंची की गालियों के साथ साथ दो दो हाथ भी एक दूसरे को उपहार स्वरुप मिलने लगा।

दरअसल यह घटना कन्नौज में बीजेपी के जनविश्वास यात्रा के दौरान हुई. छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र के नेहरू कॉलेज में जनविश्वास यात्रा के तहत जनसभा के लिए मंच तैयार किया गया था. वर्तमान विधायक और बीजेपी जिला उपाध्यक्ष के समर्थकों में मंच पर बैठने को लेकर विवाद हो गया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वाइरल हो रहा है जिसमे नेता गण एक दूसरे से लड़ते हुए दिखाई दे रहें हैं और एक दूसरे को अपशब्द भी बोलते नजर आ रहें है। ऐसे में मंच संचालक दूर से ही माइक के जरिये यह समझाने की कोशिश कर रहा है की मंच पर वही लोग उपस्थित होंगे जिनका नाम लिस्ट में है और जिन्हे नाम लेकर बुलाया जा सकता है। मगर वीडियो को देख कर यह कहा जा सकता है की वो नेतागण मंच संचालक की बातों को ज्यादा सीरियस नहीं ले रहें है। अब सवाल यह उठता है की जनता के जिस प्रतिनिधि को कुर्शी से इतना प्यार है की वह अपने ही पार्टी के सदस्य से लड़ सकता है ,जिसका गुस्सा उसके धैर्य की रेखा को जनता के सामने पार कर जाता है वो क्या वाकई में जनता के नेतृत्व के काबिल है। बहरहाल इसका फैसला उत्तरप्रदेश की जनता ही करेगी अभी के लिए यूपी चुनाव में इतना ही देखते रहें टीडी न्यूज़।