जानिए- कौन हैं सीमा समृद्धि, पटना रिमांड होम की पीड़िता को इंसाफ की लड़ाई में जिनका मिल रहा साथ

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पटना के गायघाट स्थित रिमांड होम (Patna Remand Home) में रह चुकी एक युवती ने वहां लड़कियों के यौन शोषण व प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में जब प्रशासन ने आनन-फानन में जांच कर आरोपों को बेबुनियाद करार दिया तो पीड़ित युवती ने अब जांच पर सवाल खड़े किए हैं। मामले में पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने संज्ञान लेते हुए समाज कल्‍याण विभाग से जवाब मांगा है। इसी बीच बड़ी खबर यह है कि दिल्‍ली के निर्भया सामूहिक दुष्‍कर्म व हत्‍याकांड मामले (Nirbhaya Case) में दोषियों को फांसी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा समृद्धि (SC Advocate Seema Samridhi) पीड़ित युवती को न्‍याय दिलाने की लड़ाई में आगे आ गईं हैं। सीमा समृद्धि ने निर्भया केस के बाद उत्तर प्रदेश के हाथरस सामूहिक दुष्कर्म (Hathras Case) सहित कई अन्‍य मामलों में भी इंसाफ की लड़ाई के लिए आगे आईं हैं।
पटना के रिमांड होम में यौन शोषण व प्रताड़ना के आरोप लगाने वाली युवती को इंसाफ दिलाने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा समृद्धि ले सकती हैं। मिली जानकारी के अनुसार सीमा आज उससे मिलने के लिए पटना पहुंचीं हैं। प्रशासन ने अनुमति दी तो वे आज हीं उससे मुलाकात कर पूरी जानकारी लेंगीं। माना जा रहा है कि इसके बाद वे इस मामले में न्‍याय की लड़ाई लड़ने को लेकर अपना फैसला करेंगी।


सीमा समृद्धि दिल्‍ली के निर्भया सामूहिक दुष्‍कम व हत्‍याकांड का मुकदमा लड़कर चर्चा में आईं थीं। उनकी कानूनी लड़ाई के कारण हीं घटना के चारों दोषियों (मुकेश सिंह, अक्षय ठाकुर, पवन कुमार गुप्ता और विनय कुमार शर्मा) को फांसी की सजा दिलाई जा सकी। ऐसे में यदि वे पटना रिमांड होम का मामला अपने हाथ में लेती हैं, तो पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी।

अब आइए जानते हैं, आखिर कौन हैं सीमा समृद्धि? सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा समृद्धि का पहला परिचय तो निर्भया की दोषियों को हुई फांसी की सजा दिलाने को लेकर ही है। वे निर्भया ज्योति ट्रस्ट में कानूनी सलाहकार भी हैं। उन्‍होंने 2014 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की थी। उसी साल 24 जनवरी को वे निर्भया ज्योति ट्रस्ट से जुड़ गईं।
एडवोकेट सीमा समृद्धि को सीमा कुशवाहा के नाम से भी जाना जाता है। उत्‍तर प्रदेश के इटावा में 10 जनवरी 1982 को जन्‍मीं सीमा ने साल 2005 में कानपुर विश्‍वविद्यालय से कानून में डिग्री हासिल की। इसके उत्‍तर प्रदेश के राजर्षि टंडन खुला विश्‍वविद्यालय से पत्रकारिता में स्‍नातक किया। आगे उन्‍होंने एमए करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की। जिस वक्‍त निर्भया केस चर्चा में आया, सीमा एक प्रशिक्षु वकील थीं। इसी दौरान वे निर्भया मामले में वकील बनीं।