बन्दुक के दम पर किसी भी ताक़त को अफगानिस्तान में राज करने की सहमति नहीं

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अफगानिस्तान और तालिबान के बिच युद्ध थमता नहीं दिख रहा है । तालिबान लगतार अफगानोस्तान के प्रांतीय इलाकों पर धीरे धीरे कब्ज़ा कर रहा है।रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आतंकवादी समूह ने काबुल के बाद देश के दूसरे और तीसरे सबसे बड़े शहरों और रणनीतिक प्रांतीय राजधानी हेरात तथा कंधार पर कब्जा कर लिया है । अमेरिका के सेना वापस बुला लेने के बाद से ही तालिबानी आतंक अफगान में जारी है । अफगानिस्तान के मदद के गुहार के बाद भारत के साथ दुनिया के ११ देशों के बिच कल एक क्षेत्रीय सम्मलेन में अफगानी सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई जिसमे भारत, अमेरिका और चीन समेत 12 देशों ने संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ यह फैसला किया है कि वे अफगानिस्तान में किसी भी ऐसी सरकार को मान्यता नहीं देंगे जो बंदूक की नोक पर नियंत्रण हासिल करना चाहती है।

गौरतलब है की अफगानिस्तान पर तालिबान अपना कब्ज़ा बढ़ाते जा रहा है जिसे देखते हुए अमेरिका सहित कई देशों ने यह साफ़ साफ़ कह दिया है की अफगानिस्तान में ऐसी किसी भी सरकार को मान्यता नहीं दिया जाएगा जो बन्दुक के दम पर अफगानिस्तान में कब्ज़ा कर रहा है । जिसके बाद यह तो तय हो गया है की तालिबान अगर अफगानिस्तान पर 100 प्रतिशत भी कब्ज़ा कर ले तो आधिकारिक तौर पर वह उसपे सेशन या सरकार नहीं बना पायेगा । हलांकि अफगानिस्तान पर सरकार किसकी होगी यह बाद की बात है ,फिलहाल अफगानिस्तान और तलबान के बिच युद्ध स्थिति को सामान्य करने की जरुरत है जिस पर संयुक्त राज्य संघ जल्द ही कोई निर्णय ले सकती है । हम अफगानिस्तान से जुड़े हर खबर को आप तक पहुंचाते रहेंगे तब तक के लिए देखते रहें टीडी न्यूज़ ।।