चलती शादी में बदतमीजी करने वाले जिलाधिकारी शैलेश यादव पर गिरी गाज

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कहते हैं कि बड़े पद के साथ बड़ी जिम्मेदारियां भी आती है , जिनका निर्वहन करना आवश्यक होता है । अन्यथा उस पद के साथ साथ आप अपने व्यक्तित्व की भी छवि खराब कर लेते हैं । 

पश्चिम त्रिपुरा में ऐसी ही एक घटना सामने आई है जहां जिलाधिकारी शैलेश यादव ने एक मैरिज हॉल में पहुंच कर लोगों से बदतमीजी की और वीडियो भी बनाई जो की सोशल मीडिया पे वायरल हो रही है ।  दरअसल देर रात हो रहे शादी समारोह में जिलाधिकारी शैलेश यादव पहुंचे और बिना बात चीत के लोगों पर डंडे बरसाने का हुक्म दे दिया । साथ ही साथ अंग्रेजी भाषा का प्रयोग करते हुए कई गालियां दी । शादी में करीब 25 से 30 लोग मौजूद थे । हालांकि परिवार ने शादी का परमिशन लेटर भी दिखाया जो की जिलाधिकारी से कार्यालय से ले रखी थी परंतु शैलेश यादव ने ये कहते हुए परमिशन लेटर फाड़ दिया की रात के दस बजे के बाद इसकी इजाजत नहीं है ।

वायरल वीडियो में ये साफ़ साफ़ देखा जा सकता है की कैसे सैलेष यादव दूल्हे के गर्दन में हाथ डाल कर उसे मंडप से धकेलते हैं । यहां तक की उन्होंने पंडित तक को थप्पड़ मार दिया । 

सोशल मीडिया पर हुए वायरल वीडियो पर लोगों ने जम के प्रतिक्रिया दी हैं और घटना की निंदा भी की जिसके बाद जिलाधिकारी शैलेश यादव को उनके पद से बर्खास्त कर

दिया गया है तथा शैलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से माफ़ी मांगते हुए कहा की वह अपने किए पर शर्मिंदा है ।

जिलाधिकारी शैलेश यादव ने न सिर्फ अपने व्यक्तित्व की बल्कि अपने सम्मानित पद की भी छवि खराब की है । देश के ऐसे आला अधिकारियों द्वारा इस प्रकार का कदम बेशक ही एक नौकरशाही तंत्र का संज्ञा देता है । उनके इस कदम ने न सिर्फ उस शादी में उपस्थित प्रत्येक इंसान के सेंटीमेंट को आहत पहुंचाया परंतु एक नए जीवन की शुरुआत करने जा रहे विवाहित जोड़े को उनके जिंदगी के सबसे ख़ास दिन पर एक ऐसी बुरी याद भेंट की जो ताउम्र उनकी मानस पटल पे छाया रहेगा । शायद वे कभी इस ट्रामा से बाहर न आ पाए।

SUMIT SAHITYA ( copy editor)